मैं जिसकी मुस्कुराहटो पे जीता मरता था,
जिसको आबाद करते करते मेरे मां-बाप की जिंदगी लग गई…!
उसकी खामोशी ही उसकी सबसे बड़ी पुकार है,
क्योंकि रोने पर कोई आंसू पोंछने वाला नहीं आता।
हम में तो तुम ही हो, तुम्हारे दिल की खुदा जाने…!
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
गैर तो दिल दुखाने की हिम्मत भी नहीं करते।
रोज तो वो मरते है जो खुद से ज्यादा किसी और को चाहते हैं…!
कौन कहता है बरबादी किसी के काम नहीं Sad Shayari in Hindi आती
तेरी यादों के साये मुझे हर रोज़ जलाते हैं।
न जाने तन्हाई में कितने अश्क बहाते हैं।
फिर हमें ही इतना रुला देना… हे खुदा, ये कैसा इम्तिहान है।
कहो तो भेज दू अपना दिल फिर से दुखाने को।
ये हुनर मैंने बहुत कुछ खो देने के बाद ही सीखा है…!!